Hichki kaise roke

Hichki kaise roke

Hichki kaise roke – हिचकी रोकने के उपाय – hiccups  इसे हिंदी में हिचकी आना भी बोलते हैं। हिचकी बहुत ही आम बात है। यह किसी को भी हो सकती है। हिचकी कभी भी आ सकती है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह अपने आप से भी ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ कुछ केस में बहुत देर तक रहती है और कुछ केस में तो यह बहुत दिनों तक भी रह सकती है।


 क्या आपको पता है कि हिचकी क्यों आती है? हिचकी के कारण क्या क्या है? हिचकी उपर हम घरेलू उपाय क्या-क्या कर सकते हैं? Hichki kaise roke ? Hichki rokne ke upay? तो इस आर्टिकल में मैं आपको यही बताऊंगा, साथ ही साथ हिचकी के आयुर्वेदिक और एलोपैथिक उपचार भी बताऊंगा।
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हिचकी के कारण

हमारे सांस लेने वाले जो स्नायु होते हैं छाती के, उनका स्पाजम spasm हो जाता है।उसी वजह से हिचकी आती है। spasm यानी  वह अपनी मर्जी involuntary से कॉन्ट्रक्शन और रिलैक्सेशन करते हैं। spasm का कारण क्या होता है? हमारा पेट हमारा इंटेस्टाइन यानी आते हैं, इनका इरिटेशन irritation हो जाता है। diaphragm का भी irritation दाह हो जाता है। diaphragm डायफ्राम एक पार्टीशन का काम करता है जो पेट और छाती को सेपरेट करता है।

इरिटेशन का कारण क्या है?  हम क्या करते हैं ज्यादा खाना खा लेते हैं जरूरत से ज्यादा, और ज्यादा पानी या फिर दूसरी चीजें भी पी लेते लेते हैं। उसी वजह से पेट फूल जाता है और उसका प्रेशर डाईफ्राम पर पड़ता है। हाइपर एसिडिटी, बहुत ही ज्यादा शराब पीना, उल्टी आना, पेट की, आंतों की और heart की कोई भी बीमारी अगर हो तो उसी वजह से हिचकी आ सकती है।

हिचकी रोकने के उपाय । 

1.सांस ले, सांस रोके रखें, आप जितनी देर तक सांस रोक के रख सकते हैं, इतनी देर तक रोक के रखे। और उसके बाद छोड़ दें। ऐसा आप 10 से 15 बार लगातार करें।

2.सांस ले, सांस को रोककर रखें और उसी पोजीशन में सांस रुकी हुई होनी चाहिए, आप पानी पीजिए। और उसके बाद सांस छोड़ दे। ऐसा आप चार से पांच बार कीजिए।

3.आप एकदम से ठंडा पानी पीजिए। फ्रीज का भी पानी पी सकते हैं और आप आइसक्रीम भी खा सकते हैं। इससे हिचकी रुक जाती है।

हिचकी के आयुर्वेदिक उपचार

1.पहला तुलसी के चार से पांच पत्ते लीजिए, उसे एक चम्मच हनी में मिलाकर हनी के साथ खाइए। ऐसा आप हर 15 मिनट में कर सकते हैं।

2.मयूरपिच्छामशी- 50mg मयूरपिच्छामशी,  एक चम्मच हनी में मिलाकर आप हर 2 घंटे में चार् सकते हैं।जब तक हिचकी कम नहीं हो जाती।

 treatment for hiccups ।

Hichki rokne ke upay 1. एंटासिड प्लस लिगनोकेन जेल-mucain gel  दो चम्मच सुबह और शाम को खाने से पहले, अगर mucain gel ना मिले तो सिर्फ एंटासिड जेल gelusil mps भी आप ले सकते हैं। एंटासिड जेल है इसका डोस दो चम्मच सुबह और शाम को खाने से पहले।

2. एंटीस्पेज्मोडिक टेबलेट- t.spsmonil टेबलेट स्पासमोनिल, t.cyclopam, t. Spasan टेबलेट स्पाजान, मेडिकल में कहीं भी आसानी से मिल जाएगी।यह हिचकी आने पर तुरंत ही लीजिए और उसके बाद में आप 2- 3 घंटे के बाद भी एक  ले सकते हैं।

3. स्मूथ मसल्स रिलैक्सेशन- यह हिचकी की सबसे खास गोली है। स्पेशल गोली का नाम है टैबलेट liofen 10mg सुबह दोपहर को और शाम को एक-एक गोली। इसका कंटेंट है कंटेंट बैक्लोफिन baclofen ।

Diagnosis of hiccups 

ऊपर जो मैंने आपको घरेलू उपाय बताया है, आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं, एलोपैथी की औषधि भी बताइ है, हिचकी कम करने के लिए। इससे  हिचकी कम होनी ही चाहिए, लेकिन अगर उससे भी कम नहीं हुई, तो फिर दूसरा कोई भी कारण, दूसरा आजार, बीमारी हो सकती है। पेट से संबंधित,intestine  इंटेस्टाइन से संबंधित , heart  से संबंधित, diaphragm से संबंधित।


 इनको उन बीमारी को खोज निकालने के लिए ब्लड टेस्ट करना होगा और दूसरी भी कई सारी टेस्ट है। वह है sr. Urea and creatinine, सीरम क्रिएटिनिन एंड यूरिया एक्सरे चेस्ट, सोनोग्राफी, ईसीजी, गैस्ट्रोस्कॉपी। इससे बीमारी का पता चल जाएगा। और वह बीमारी औषधि से अगर ठीक हो गई तो, आपकी हिचकी भी पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।

That’s all, stay fit stay healthy. Hichki kaise roke explained in hindi.
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