QUARANTINE in hindi

Quarantine in hindi

Quarantine in hindi vs isolation in hindi – पूरे विश्व में सब का टेंशन बढ़ा रखा है कोरोनाव्हायरस ने। अभी हम सबको पता है कि कोरोनावायरस फैलने से रोकने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए। इसी बीच वह दो शब्द हर एक के मन में कंफ्यूजन पैदा कर रहे है। वह दो शब्द है,  quarantine and isolation क्वॉरेंटाइन एंड आइसोलेशन। 


बहुत सारे लोगों को इन दो शब्दों का अर्थ पता है। लेकिन बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं उन्हें इन दो शब्दों का अर्थ पता नहीं है। तो आज हमको क्वारंटाईन  और आइसोलेशन के बारे में डिस्कस करेंगे। quarantine vs isolation, क्वारंटाईन और आइसोलेशन में फर्क क्या है यह भी बताएंगे।
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Quarantine in hindi 

1. क्वारंटाईन-  quarantine का मतलब है विलिगीकरण।  यानी कि कोविड-19 के सस्पेक्ट केसेस को  नॉर्मल हेल्थी इंडिविजुअल से अलग रखना। क्वॉरेंटाइन किस किसको किया जाता है?  जो लोग विदेश  से आए हैं उन्हें क्वॉरेंटाइन किया जाता है।  जो कोविड-19 के सस्पेक्ट कंफर्म केसेस है, उनके क्लोज कांटेक्ट में जो आते हैं उनको भी क्वॉरेंटाइन किया जाता है।


 क्लोज कांटेक्ट का मतलब क्या है?   जो कंफर्म कैसेस है कोविड-19 का, उस पेशेंट के 2 मीटर रेंज के अंदर में 15 मिनट के लिए कोई भी संपर्क में आ जाए; या फिर उस पेशेंट का बॉडी टू बॉडी कांटेक्ट हो जाए यानी शरीर स्पर्श हो जाए, तो उसे  close contact कहते है। उनको क्वॉरेंटाइन किया जाता है।

 Quarantine का पीरियड 14 दिनों का होता है। उसके दो प्रकार होते हैं। home quarantine या फिर कारंटाइंड सेंटर में।  गवर्नमेंट ने बहुत सारे जगहों पर कारंटाइंड सेंटर्स बनाए  हुए हैं, वहां पर भी कुछ लोग क्वारंटाईन  किए जाते हैं। या फिर कुछ अपने ही घर पर क्वॉरेंटाइन किए जाते हैं।

Rules of quarantine 

 उसके क्वॉरेंटाइन के रूल क्या क्या होते हैं?  क्वॉरेंटाइन सेंटर में हर एक पेशेंट का बेड़ 2 मीटर से दूरी पर होता है।  उससे कोई नजदीक नहीं आ सकता। सिवाय डॉक्टर और नर्स जो, प्रोटेक्शन किट पहने हुए होते हैं । खाना खाने के लिए और पानी पीने के लिए भी बर्तन उनके अलग होते हैं। उनको भी कोई छू नहीं सकता।  वह उसको खुद को ही धोने पड़ते हैं।  उनके कपड़े जो होते हैं वह ड्राईक्लीनिंग कीये जाते है। हाई टेंपरेचर पर सुखाए जाते हैं तो उसमें  अगर वायरस हो तो मर जाता है।

अगर आप home quarantine हो तो आपका एक सेपरेट रूम होना चाहिए। उस रूम में घर का कोई व्यक्ति नहीं आ सकता।  घर का कोई भी व्यक्ति आपसे कम से कम 2 मीटर की दूरी पर होना चाहिए।  आप घर से बाहर या रुम से बाहर नहीं जा सकते।

Isolation in hindi 

  आयसुलेशन – आपको 14 दिनों तक क्वॉरेंटाइन किया जाता है, तब तक हेल्थ वर्कर आपके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए होते हैं। अगर आपको सर्दी खासी या अस्थमा जैसे लक्षण दिखाई दे, तब आपका throat swab कोरोना वायरस के लिए लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है। अगर आप पॉजिटिव निकले तो आपको आइसोलेशन सेंटर में भेजा जाता है। अगर आपका swab नेगेटिव निकलता है तो 14 दिनों के बाद आपको घर छोड़ा जाता है।

आइसोलेशन सेंटर में कोविड-19 के कंफर्म केस रखे  जाते हैं। उनको ट्रीटमेंट दिया जाता है। उधर आईसीयू बनाया जाता है, डॉक्टर , स्टाफ , नर्सेज वेंटिलेटर, सब इक्विपमेंट्स होते हैं। यह ज्यादातर अस्पताल, सरकारी अस्पताल, या फिर बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों में ही बनाए जाते हैं। कुछ कुछ कैसेस में यह दूसरी जगह पर भी बनाए जा सकते हैं। जब तक जब तक कोरोनावायरस का केस पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तब तक उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा जाता है। 


लगातार दो swab कोविड-19 के लिए अगर नेगेटिव आते हैं तभी आइसोलेशन सेंटर से उस पेशेंट को quarantine में भेजा जाता है। आयसुलेशन के बाद उसको 14 दिनों के लिए quarantine किया जाता है क्योंकि उस पीरियड में वह  virus ट्रांसफर हो सकता है।

मुझे लगता है कि आपके पूरे डाउट क्लियर हो चुके होंगे। क्वॉरेंटाइन और आइसोलेशन के बारे में पूरी जानकारी हो चुकी होगी।
Stay fit stay healthy ।
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