Triphala churna ke fayde

Triphala churna ke fayde

 Triphala churna ke fayde – त्रिफला आयुर्वेद की एक बहुत ही फेमस औषधि है।  यह बहुत सारे लोगों को पता भी होगी। त्रिफला चूर्ण के ऊपर यूट्यूब पर, इंटरनेट पर बहुत सारे आर्टिकल आपको मिल जाएंगे। बहुत सारे लोगों ने इसके फायदे बताए हैं। लेकिन साइंटिफिक जानकारी बहुत ही कम लोगों ने दी है।


कुछ लोगों ने सिर्फ फायदे बताइए है। लेकिन  खाने की विधि कौन सी है,  उसकी मात्रा कौन सी होनी चाहिए?   यह नहीं बताया है। हर एक रोग में हर एक बीमारी में त्रिफला चूर्ण की मात्रा और खाने का तरीका अलग अलग होता है। 


तो इस आर्टिकल में मैं आपको त्रिफला चूर्ण के फायदे हिंदी बताऊंगा।  उसके खाने का सही तरीका बताऊंगा। जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा बेनिफिट हो। read this post in English ।

Triphala churna ke fayde । त्रिफला के फायदे हिंदी। 

त्रिफला यानी 3 फलों का मिश्रण।  यह कौन से तीन फल है ? पहला हरीतकी – हिरडा, दूसरा बिभितक-  बहडा  और तीसरा है आंवला।   बाजार में जो त्रिफला मिलता है उसमें तीनों फल सम मात्रा में होते हैं। लेकिन यह सही नहीं है। आयुर्वेद में त्रिफला का प्रमाण  है – 1:2:3 


यानी हिरडा  एक भाग,  बेहडा  दो भाग और आंवला 3 भाग। अगर आपको 60 ग्राम त्रिफला तैयार करना हो तो आपको ही हिरड़ा 10 ग्राम लेना होगा, बेहड़ा 20 ग्राम लेना होगा और आंवला 30 ग्राम लेना होगा। तभी आपका 60 ग्राम त्रिफला हो जाएगा।


अगर आप दुकान में से यह चूर्ण लेने वाले हो तो उसमें यह प्रमाण आप जरूर देख ले। या फिर 3 घटकों का चूर्ण सेपरेट बाजार में से लाकर,  आप घर में ही त्रिफला चूर्ण बना सकते हैं।

त्रिफला चूर्ण  के फायदे 

कब्ज –  त्रिफला चूर्ण का सबसे पहला और महत्वपूर्ण उपयोग है कब्ज के उपर। कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन।  आप एक छोटा चम्मच चूर्ण लीजिए, रात को एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर पी लीजिए।  ऐसा आपको लगातार चार से 5 दिन करना है। आप इसकी मात्रा फिर बढ़ा सकते हैं जरूरत के हिसाब से।


इसका दूसरा सबसे बड़ा फायदा है आंखों के लिए। इससे नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है। मोतियाबिंद,  दूर दृष्टि दोष, नेत्र रोग कम होते हैं। पर इसके लिए आपको एक छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण, 2 छोटे चम्मच गाय के शुद्ध घी और एक छोटा चम्मच शहद में मिलाकर रोज सुबह नियमित रूप से सेवन करना है।


त्रिफला का काढ़ा एंटीसेप्टिक होता है। इसका काढ़ा बनाकर उससे घांव धोने से घांव जल्दी ठीक हो जाते हैं।त्रिफला चूर्ण पाचन संस्था को मजबूत करता है इससे भूख भी बढ़ती है पाचन और गैस की समस्या भी खत्म हो जाती है।


त्रिफला शरीर के आंतरिक भागों की सफाई करता है। शरीर में से मैल और टॉक्सिंस बाहर निकलता है।  इसकी वजह से आप की इम्युनिटी बढ़ती है।त्रिफला चूर्ण से दातों पर रोज मंजन करने से मुंह के छाले, मुंह की बीमारियां,  अरुचि और मुख की गंदगी , मुख दुर्गंधी भी दूर होती है।

Triphala churna benefits in hindi


एक छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण गोमूत्र,  या फिर शहद के साथ लेने से कमला यानी जॉन्डिस रोग मिट जाता है। इसके लिए आप आपको इसका सेवन डेढ़ माह तक कंटीन्यूअस करना है। दो चम्मच गोमूत्र या एक चम्मच शहद ले सकते हैं।


गर्म पानी में त्रिफला चूर्ण मिलाकर उससे गरारे करने से टॉन्सिलाइटिस की समस्या दूर होती है। गारारे  यानी गरारे gargles।  यह सर्दी खासी, गला बैठना इसमें फायदेमंद है।


 त्रिफला घृत कुमारी और शहद को समान मात्रा में मिलाकर जो रसायन बनता है वह सप्तधातु पोषक होता है। इससे डेढ़ माह तक लगातार सेवन करने से बलवर्धन, बुद्धि वर्धन और वीर्य वर्धन होता है।


त्रिफला, हल्दी , चिरायता और नीम की छाल और गिलोय इनको समान मात्रा में लेकर आधा लीटर पानी में पकाएं। यह सब आपको 20- 20 ग्राम लेना है। पानी आधा होने तक पकाएं।  उसे छानकर एक बोतल में भर ले। और रोज सुबह 10- 10 मिली,  गुड़ या फिर शक्कर के साथ सेवन करें। इससे पुराने से पुराना सिर दर्द, माइग्रेन इसकी बीमारी खत्म हो जाती है।


त्रिफला एक छोटा चम्मच रोज सुबह खाली पेट, 1 गिलास गर्म पानी और एक चम्मच शहद में मिलाकर पीने से मोटापा कम हो जाता है।Stay fit stay healthy । triphala churna ke fayde । garmi kam karne ke upay

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