Injection sites in hindi

Injection in hindi

Injection  in hindi- हर एक व्यक्ति को क्लीनिक ही अस्पताल में आना ही पड़ता है । जब वह बीमार पड़ जाते हैं । कुछ लोग अस्पताल में जाने से डरते हैं । उनके मन में इंजेक्शन का डर बैठा हुआ होता है।  कुछ लोग तो इंजेक्शन के डर से क्लीनिक ही नहीं जाते।  कुछ लोग तो इंजेक्शन लेते समय चीखते चिल्लाते हैं।


उनका कहना होता है कि इंजेक्शन बहुत ही ज्यादा दुखता है । तो आज मैं आपका यह डर दूर करने वाला हूं।  आज मैं आपको यह बताऊंगा की इंजेक्शन शरीर के किस किस हिस्से में दिया जाता है। कौन-कौन सी उम्र में कौन-कौन सी साइट पर इंजेक्शन लेना अच्छा होता है । किस जगह पर कौन सी इंजेक्शन से देनी चाहिए और किस मात्रा में देनी चाहिए।


आज हम सिर्फ आई एम यानी intra muscular इंट्रा मस्कुलर इंजेक्शन के बारे में ही बात करेंगे।  इंटरेमस्कुलर इंजेक्शन यानी जो स्नायु  में दिया जाता है वह। जो हम हाथ में और कमर पर लेते हैं। आपको इसके दो ही प्रकार पता होंगे। जो हाथ पर और कमर पर दिया जाता है।  read this post in English

Sites of IM injection in hindi 

लेकिन इसके टोटल चार प्रकार होते हैं।पहला है ग्लूटेल रीजन gluteal region यानी कमर पर। दूसरा deltoid area डेल्टॉयड रीजन यानी कंधे के चार उंगली नीचे । तीसरा है tricep area ट्राइसेप एरिया।  यानी हाथ के बीचो-बीच बाहर की और । चौथा है anterolateral aspect of thigh यानी जांघों पर।

इंजेक्शन साइट


पहला जो ग्लूटेल रीजन है यानी कमर का । यह सबसे अच्छी जगह है इंजेक्शन लेने के लिए। यह सबसे सेफ है। इंसानों को कौन सा भी इंजेक्शन हो वह कमर पर ही लेना चाहिए । इस जगह पर इंजेक्शन बहुत ही कम दुखता है।  conjunctivitis in hindi


इस जगह मसल मास ज्यादा होने के कारण इसमें कौन से भी इंजेक्शन का पूरा डोस दे सकते हैं।  5 ml तक इंजेक्शन इसमें दिया जा सकता है। जो oily इंजेक्शन होते हैं, hormonal इंजेक्शन होते हैं,  खून बढ़ाने वाले इंजेक्शन, जो ज्यादा दर्द करते हैं। वह सब इंजेक्शन कमर पर ही दिए जाने चाहिए।


Deltoid region- यह दूसरी अच्छी जगह है इंजेक्शन देने के लिए।  इसमें मसल मास थोड़ा कम होता है ग्लूटेल रीजन से । इसलिए पूरा डोस इधर नहीं दे सकते। इसमें ज्यादा से ज्यादा दो ml तक दे सकते हैं। और इस एरिया में जो दुखने वाले हार्मोनल, ऑइली इंजेक्शन है यह भी नहीं दे सकते।


Anterolateral aspect of thigh – जांघों के बीच में का बाहर का हिस्सा।  इस जगह 2 साल तक के छोटे बच्चों को इंजेक्शन लगवाया जाता है। 2 सालों तक कमर के मसल अच्छी तरह से डेवलप नहीं हुए होते हैं। तो 2 साल तक जांघोपर ही इंजेक्शन देना चाहिए।


लास्ट का tricep area-  यानी हाथ का बीच का बाहर का हिस्सा । इस एरिया में सबसे ज्यादा इंजेक्शन दिए जाते हैं । डॉक्टर भी इधर ही इंजेक्शन देते हैं और पेशेंट भी इसी जगह इंजेक्शन लेना पसंद करते हैं। लेकिन इस जगह इंजेक्शन बिल्कुल ही नहीं लेना और देना चाहिए। कुछ लेडीस कमर पर इंजेक्शन नहीं ले पाती शर्माती है। इंडिया में ब्लाउज होने के कारण डेल्टॉयड में भी इंजेक्शन नहीं दे पाते। तो ट्राइसेप मसल ही एक ऑप्शन रह जाता है।


इस जगह आप को इंजेक्शन बिल्कुल ही नहीं लेना है। इस जगह से रेडियल नरव radial nerve निकलती है। उस जगह अगर needle prick हो जाए तो बहुत ही ज्यादा दर्द होता है । और हाथ हिलाना भी मुश्किल हो जाता है । इस जगह sepsis होने के चांसेस भी बहुत ही ज्यादा होते हैं।

Final conclusion 

तो इस वीडियो का फाइनल कंक्लूजन क्या है ? आपको किस जगह पर लेना चाहिए इंजेक्शन?  तो आपको हर एक इंजेक्शन कमर पर ही लेना चाहिए।  चाहे वह कौन सी भी औरत हो।  चाहे कितनी भी शर्म आती हो लेकिन कमर पर ही लेना सबसे सेफ और अच्छा है। ज्यादा से ज्यादा आप डेल्टॉयड एरिया यानी कंधे के चार उंगली नीचे आप ले सकते हैं।

2 साल तक के छोटे बच्चों में जांघों में इंजेक्शन लेना चाहिए। 
किसी भी आदमी को कौन सा भी इंजेक्शन हो ट्राइसेप एरिया में नहीं लेना चाहिए। ट्राइसेप एरिया यानी हाथ का बीच का बाहर का हिस्सा। इसमें इंजेक्शन बिल्कुल कि नहीं लेना है।  यह आप ध्यान में रखें। types of  im injection in hindi explained ।Stay safe stay fit stay healthy ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ads Blocker Image Powered by Code Help Pro
Ads Blocker Detected!!!

Remove your ads block in browser to proceed.

Refresh