Pathri ka ilaj

Pathri ka ilaj

Kidney stones treatment

Kidney stone in hindi – pathri ka ilaj – किडनी स्टोन, किडनी स्टोन इसे हिंदी में पथरी भी बोलते हैं। किडनी स्टोन बहुत ही आम बीमारी है। पथरी होने पर पेट के नीचे का हिस्सा और कमर के ऊपर के हिस्से में भी दुखता है। बहुत ही ज्यादा दुखता है इतना दुखता है कि पेशेंट चीखता चिल्लाता है। वह एक जगह जगह ठीक से बैठ भी नहीं पाता।
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लोगों को इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं होती। इसके लिए वह घरेलू उपाय, देसी दवा ही करते रहते हैं और डॉक्टर के पास नहीं जाते। तो आज ईस  आर्टिकल में मैं आपको पथरी का इलाज , pathri ka ilaj के बारे में पूरी तरह से जानकारी दूंगा।

 पथरी के लक्षण

1. Pain in loin and groin area-पेन इन लाइन एंड ग्रॉइन एरिया, पेट के निचले हिस्से में या कमर और पीठ के बीच के हिस्से में दुखता है। बहुत ही ज्यादा दुखता है। दर्द अचानक से शुरू होता है और इतना दुखता है कि पेशेंट ठीक से बैठ भी नहीं पाता। एक जगह से दूसरी जगह पर खेलकूद करता रहता है। फिर भी उसका दर्द कम नहीं होता।

2. Burning micturation-बर्निंग मिक्चरेशन, पेशाब के समय जलन होती है।

3. Increased frequency of urine-फ्रिकवेंसी of यूरिन इंक्रीजड – पेशाब को बार-बार जाना पड़ता है।और हर बार थोड़ी-थोड़ी ही पेशाब यानी यूरिन होती है।

4.nausia and vomiting-नोसिया वोमीटिंग, पेशेंट को उल्टी आने जैसा महसूस होता है। उल्टी आती है। कुछ-कुछ कैसेस में बार बार उल्टी आती है।

5. Fever with chills-फीवर विद चिल्स, बुखार आता है लगातार बुखार रहता है। बुखार आने के साथ साथ ठंड भी लगती है।

6.blood in urine-ब्लड इन यूरिन, पेट में दुखता है और पेशाब में खून आता है।
Side effects of self medication in hindi

पथरी के प्रकार। types of kidney stones ।

पथरी किस किस से बनी है इससे भी पथरी के प्रकार होते हैं। सबसे ज्यादा यानी 90% स्टोन है कैल्शियम के होते हैं। कैल्शियम ऑक्सलेट, कैल्शियम फास्फेट, 5 परसेंट स्टोन जो है वह मैग्नीशियम के होते हैं। बचे हुए 5 परसेंट में यूरिक एसिड स्टोन और किसी औषधि से भी स्टोन बनते हैं।

स्टोन किस जगह पर है इससे भी उसके तीन प्रकार होते हैं। पहला किडनी स्टोन, स्टोन अगर किडनी में हो तो उसे किडनी स्टोन कहते हैं। दूसरा यूरेटेरिक स्टोन- किडनी और ब्लैडर  इन दोनों को जोड़ने वाली नलीका होती है उसे यूरेटर बोलते हैं। तीसरा ब्लैडर स्टोन- ब्लैडर यानी कि मूत्र का संचय करने वाला अवयव।

डायग्नोसिस ऑफ kidney stones in hindi 

1. X ray KUB- एक्स-रे केयूवी यानी पेट का एक्सरे।पेट के एक्सरे में 90% तक स्टोर विजिबल होते हैं।

2. दूसरा है यूएसजी एब्डोमेन पेल्विस
( Sonography)यानी सोनोग्राफी पेट की सोनोग्राफी।पथरी के लिए पेट की सोनोग्राफी सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बेस्ट है। इससे 99% तक स्टोन विजिबल होते हैं।

 3.IVU-तीसरा आईवीयू Intravenous urogramme यह बहुत ही कोस्टली और riski प्रोसीजर है। इसीलिए इसे फर्स्ट स्टेज में रेगुलर इस्तेमाल नहीं करते।

Pathri ka ilaj । पथरी का इलाज ।

अगर स्टोन छोटा हो तो, छोटा मतलब किडनी स्टोन अगर 3 एमएम से छोटा हो और यूरेटेरिक स्टोन 7 एमएम से छोटा हो। तो हमें क्या करना चाहिए? यह छोटे स्टोन औषधि से पीघलाये जा सकते है।  पथरी पिघलाने के लिए आयुर्वेदा में ही औषधि  है।
 एलोपैथी में इसकी खास औषधि  नहीं है।  एलोपैथी में पेन किलर पेट बहुत ही ज्यादा दुख रहा हो तो, एंटीबायोटिक्स अगर पेशाब में जलन हो तो दी जाती है। liq. Cital- 2 चम्मच एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह-शाम लेने की। इस लिक्विड से पथरी गीरने के चांसेस होते हैं।

       छोटे स्टोन के लिए एलोपैथी में एक फेमस थेरेपी है उसका नाम है हाइड्रोथेरेपी hydrotherapy । उसमें क्या किया जाता है की स्टोन को प्रेशर से बाहर निकाला जाता है। इसके लिए क्या करते है कि, दो सलाइन की बोतल NS RL लगाते हैं।  अंत में inj. Lasix यानी मूत्रल औषधि देते हैं। उससे छोटे-छोटे स्टोन हैं वो आसानी से बाहर निकल आते हैं। यह ट्रीटमेंट लगातार तीन दिन तक करनी होती है।

पथरी की आयुर्वेदिक दवा । 

स्टोन को पिघलाकर बाहर निकालने के लिए आयुर्वेदिक औषधि सबसे अच्छी है।1. चंद्रप्रभा वटी दो टैबलेट्स दिन में तीन बार,पुनर्नवासव चार चम्मच पुनर्नवासव चार चम्मच पानी में मिलाकर सुबह और शाम।2. गोक्षुरादि गुग्गुल टैबलेट सुबह दोपहर को और शाम को। वरुणादि काढा चार चम्मच चार चम्मच पानी में मिलाकर सुबह और शाम को।

3. टेबलेट सिस्टोन (हिमालया) दो टैबलेट्स सुबह दोपहर को और शाम को। चंदनासव चार चम्मच चंदनासव उतनी ही पानी में मिलाकर सुबह और शाम को।

        अगर किडनी स्टोन बड़ा है यानी 3 एमएम से ऊपर और यूरेटर स्टोन 7 एमएम से ऊपर और ब्लैडर स्टोंन। उनके लिए लिथोट्रिप्सी LITHOTRIPSY सबसे बेस्ट ट्रीटमेंट है। इस ट्रीटमेंट में ऑपरेशन के बजाय बिना कोई कट cut किए, injury  जखम के ऊपर से ही त्वचा पर त्वचा से ही स्टोन को फोड़ा जाता है। उनके टुकड़े पेशाब के साथ बाहर निकाले जाते हैं।

               स्टोन अगर बहुत ही बड़ा हो, तो उसके लिए इंडोस्कोपिक सर्जरी  की जाती है। ओपन सर्जरी अभी नहीं की जाती।  लेकिन कुछ कुछ किसेस में बहुत ही बड़े स्टोन के लिए ओपन सर्जरी भी की जाती है।

How to prevent stone formation ।

रोज कम से कम 4 से 5 लीटर तो आपको पानी पीना ही चाहिए।
 खाने में नमक का कम से कम इस्तेमाल करें।  नमक वाली चीज , यानी पापड़ अचार सूखे fish बिल्कुल ही मत खाएं।

 Low protien diet – कमी प्राटीन वाला खाना खाए। मटन, अंडा, चिकन नॉनवेज पूरी तरह से बंद कर दे।
खाने में कैल्शियम का ज्यादा इस्तेमाल करें। रोज एक गिलास दूध पिए।
Stay fit stay healthy । pathri ka ilaj explained in hindi ।
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